नमस्कार मित्रों
किसी भी राष्ट्र की उन्नति के लिए भाषा अहम भूमिका निभाती है।विडंबना है कि हमारे राष्ट्र की कोई भाषा नहीं है । आजादी के 71वर्ष बीत जाने के बाद भी हिन्दी हमारे राष्ट्र की भाषा न बन सकी। जबकि संविधान मे बात 15 वर्ष की कही गई थी।
.कारण और निदान दोनों हमारे हाथ मे है।अगर हम दूसरे प्रांतों की भाषाओं मे से किसी एक भाषा को अपने यहां अनिवार्य रूप से स्कूल कालेज मे जगह दे...अर्थात बच्चों को कक्षा एक से आठ तक मलयालम ,तेलुगु , बांग्ला, कन्नड़ आदि भाषाओं मे से किसी एक भाषा को सीखने पर बल दे....तो संभव है हमारी भाषाई दूरी कुछ हद तक कम हो जाएगी..... और दूसरे प्रांत भी सहर्ष हिंदी को अपने दैनिक जीवन की पाठशाला मे स्वीकार कर सकेंगे....।जो हमारी हिन्दी को राष्ट्र भाषा बनाने मे प्रथम व महत्वपूर्ण ठोस कदम होगा...।
एक बार विचार अवश्य कीजिएगा....।
धन्यवाद।
Hindi Kavita
'settling down'. We think we will settle down after finishing our studies (seriously?) maybe after marriage (nope), then we think we might settle down after being successful (doesn't happen), certainly after having kids(do we?), ok after the kids grow up, (absolutely not). Life is not meant to settle down, life is meant to struggle, to explore, to wander. to love, to lose, to learn, to unlearn, to fail, to rebel, to live. Even our ashes don‘t settle, it flies away in all directions."
Sunday, 14 July 2019
राज भाषा बनाम राष्ट्र भाषा
Subscribe to:
Posts (Atom)