Sunday, 14 July 2019

राज भाषा बनाम राष्ट्र भाषा

नमस्कार मित्रों
                     किसी भी राष्ट्र की उन्नति  के लिए भाषा अहम भूमिका निभाती है।विडंबना है कि हमारे राष्ट्र की कोई भाषा नहीं है । आजादी के 71वर्ष बीत जाने के बाद भी हिन्दी हमारे राष्ट्र की भाषा न बन सकी। जबकि संविधान मे बात 15 वर्ष की  कही गई थी।
                      .कारण और निदान दोनों हमारे हाथ मे है।अगर हम दूसरे प्रांतों की भाषाओं मे से किसी एक भाषा को अपने यहां अनिवार्य रूप से स्कूल कालेज मे जगह दे...अर्थात बच्चों को कक्षा एक से आठ तक मलयालम ,तेलुगु , बांग्ला, कन्नड़ आदि भाषाओं मे से किसी एक भाषा को सीखने पर बल दे....तो संभव है हमारी भाषाई दूरी कुछ हद तक कम हो जाएगी..... और दूसरे प्रांत भी सहर्ष हिंदी को अपने दैनिक जीवन की पाठशाला मे स्वीकार कर सकेंगे....।जो हमारी हिन्दी को राष्ट्र भाषा बनाने मे प्रथम व महत्वपूर्ण ठोस कदम होगा...।
              एक बार विचार अवश्य कीजिएगा....।
                             धन्यवाद।